जालंधर पंजाब (चंद्रकांत सी पुजारी ) :-
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की प्रांतीय इकाई सर्वहितकारी शिक्षा समिति, पंजाब (विद्या भारती, पंजाब) और एनआईटी, जालंधर के मध्य विद्या धाम, जालंधर में एक ‘समझौते’ पर हस्ताक्षर किए गए । इस समझौता ज्ञापन पर प्रो. बी. के. कनौजिया, निदेशक, एनआईटी, जालंधर और डा. नवदीप शेखर, महामंत्री, विद्या भारती, पंजाब ने हस्ताक्षर किए। उपस्थित अधिकारियों ने करतल ध्वनि से इसका स्वागत किया |
हस्ताक्षरों से पूर्व महामंत्री,विद्या भारती, पंजाब डा. नवदीप शेखर ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन (एम. ओ.यू.) के माध्यम से सभी क्षेत्रों में कुशल जनशक्ति की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने और कौशल की मांग व आपूर्ति के बीच मौजूदा अंतर को कम करने पर जोर दिया जाएगा। जबकि निदेशक, एनआईटी, जालंधर प्रो. बी. के. कनौजिया ने कहा कि मातृभाषा अर्थात पंजाबी माध्यम से शिक्षा प्राप्त छात्रों को भी एनआईटी, जालंधर में स्थान दिया जाएगा | आगे प्रो. बी. के. कनौजिया ने कहा कि ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020’ में भी मातृभाषा में शिक्षा पर जोर दिया गया है | कनौजिया ने इस अवसर पर कहा कि यह समझौता ज्ञापन कौशल विकास हेतु एक अंत तक कार्यान्वयन ढांचा तैयार करेगा जो जीवन भर सीखने के अवसर और युवाओं के बीच कौशल के आकांक्षात्मक मूल्य का प्रचार करता है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्ष मिलकर छात्रों के बीच कौशल विकास के नए आयाम खोलने का प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष, विद्या भारती, पंजाब सुभाष महाजन ने कहा कि कुशल कर्मियों के निरंतर प्रवाह एवं शिक्षित युवाओं के बीच उपयुक्त औद्योगिक रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए आवश्यक कौशल, शिक्षा व अनुशासन के माध्यम से बेरोजगारी को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री विजय नड्डा ने कहा कि विद्या भारती का लक्ष्य संस्कार युक्त शिक्षा के साथ - साथ नियोक्ता/उद्योग की मांग और कार्यबल उत्पादकता को स्थायी आजीविका के लिए प्रशिक्षुओं की आकांक्षाओं के साथ संरेखित करना, परिणाम केंद्रित प्रशिक्षण हेतु एक रूपरेखा तैयार करना है। उनका मानना है कि कौशल उनके संचालन में अनुभव, बुद्धि और जुनून की एकीकृत शक्ति है | यह समझौता ज्ञापन न केवल युवाओं के कौशल में सुधार करने में मदद करेगा बल्कि उनकी शिक्षा और रोजगार में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
अंत में इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक, डिपार्टमेंट आफ होलिस्टिक एजुकेशन, विद्या भारती, पंजाब डा. सुदेश ठाकुर ने कहा कि पिछले दिनों में स्कूली शिक्षा में बहुत बदलाव आए हैं | जैसे कि ऑनलाइन कक्षाएँ आदि। इन बदलावों का छात्रों पर प्रभाव जैसे विषयों पर विद्या भारती, पंजाब इन समझौतों के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों के सहयोग से शोध करेगी एवं उनके आउटपुट को इम्प्लमेंट करेगी। इसके साथ ही
एनआईटी जालंधर में सेंटर फ़ॉर स्कूल एजुकेशन की शुरुआत की जाएगी जो स्कूल शिक्षा के अनुरूप मास्टर्ज़ व डाक्टरल प्रोग्राम शुरू करेगा। हस्ताक्षरों के बाद दोनों पक्षों ने इस विचार को पूर्ण रूप और ईमानदारी से लागू करने के लिए प्रयास करने का संकल्प लिया है। इस अवसर पर विद्या भारती, पंजाब के अध्यक्ष मेजर जनरल सुरेश खजूरिया, उपाध्यक्ष डा. रेखा भारद्वाज, संगठन मंत्री राजेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
स्वाभिमानी न्यूज नेटवर्क, Maharashtra

